जिन किसानों की जमीन एयरपोर्ट के बनने में जाएगी उनको मुआवजा और नौकरी मिलेगी- प्रशासन ने किया तय

जिन किसानों की जमीन एयरपोर्ट के बनने में जाएगी उनको मुआवजा और नौकरी मिलेगी- प्रशासन ने किया तय

जेवर गौतम बुद्ध नगर एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण नीति तैयार कर दी गई है जिमसे प्रशासन ने तय किया मुआवजा और नौकरी किसानो के लिए।
उत्तर प्रदेश में ऐसा पहली बार हो रहा है जहां किसानों को मुआवजे के साथ साथ नौकरी मिलेगी
अभी ये तय नहीं किया गया कि किसानों को मुआवजे की राशि कितनी दी जाएगी| इसके के लिए प्रशासन किसानों के साथ बैठक करेंगे जिसमें तय किया जायेगा मुआवजे की राशि एयरपोर्ट के लिए पहले चरण में 8 गांव की जमीन का अधिग्रहण किया जायेगा लगभग १४०० हेक्टेयर जमीन की जरुरत होगी। इसके के लिए प्रशासन ने प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। Yamuna Expressway Industrial Development Authority और जिला प्रशासन के कहने से उत्तर प्रदेश सरकार ने जमीन अधिग्रहण की नीति शुरू कर दी है।
एयरपोर्ट के लिए ली जा रही जमीन के बदले किसानों को मुआवजा नौकरी मिलेगी।

एयरपोर्ट का संचालन करने वाली सरकारी कंपनी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) में किसानों को नौकरी भी मिलेगी।
उत्तर प्रदेश में ऐसा पहली बार हो रहा है। जहाँ हर उस किसान को नौकरी दी जाएगी जिसके नाम पर जमीन का अधिग्रहण होगा।
जिन किसानों की जमीन जाएगी अगर उनकी उम्र ज्यादा है तो उनकी बड़े या उनके किसान के अनुसार बालिग पुत्र या पुत्री को नौकरी दी जाएगी | किसान को ये नामित करना होगा की वो किसको नौकरी देना चाहते है|

जिले के किसान पूरी तरह से सक्रिय हैं
गौतम बुद्ध नगर ग्रेटर नोएडा जेवर। मुआवजे के लिए किसनो की बैठक के बाद सक्रिय होने की जरुरत होगी जिससे किसनो की जमीन की राशि तय की जाएगी|
किसनो की कई तरह की मांग को देखते हुए उनकी मांगों को पूरा किया जायेगा| एक मांग है कि जमीन खरीदने वाले बाहरी लोगों को 60% मुआवजा राशि दी जाए। बाकी 40% मूल किसान को मिले। किसानों का कहना है  कि कई गांवों में 50 प्रतिशत जमीन बाहरी लोगों ने खरीद रखी है। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ.अरुणवीर सिंह को ज्ञापन सौंपा है।

सर्किल रेट से दो गुना ज्यादा मुआवजा

किसनो की मुआवजे की राशि अभी तय नहीं की गई है। सरकार की ओर से साफ किया गया है कि मुआवजा की किसनो की जमीन की राशि केंद्र सरकार के अनुसार तय की जाएगी।
जल्द ही में केंद्र सरकार ने अधिग्रहण प्रभावित 8 गांवों को शहरी क्षेत्र में घोषित कर दिया है। ऐसे में सरकार की तरफ से यहां के किसानों को सर्किल रेट से लगभग दो गुना ज्यादा मुआवजा की राशि दिया जा सकता है।

किसानों से प्रशासन और प्राधिकरण बात कर रहे हैं। किसानों को ही ध्यान में रखकर फैसला लिया जायेगा और जिससे किसनो की जमीन की राशि तय होगी। जमीन के बदले मुआवजा और नौकरी दी जाएगी। किसानों की मांगों का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। -सतीश महाना, औद्योगिक विकास मंत्री

मैं खुद किसनो के घर जाकर बात कर रहा हु जिससे किसानों की मांग को धयान में रखा जायेगा। मुआवजे की राशिजल्दी तय कर दी जाएंगी। मैंने इस मुद्दे पर खुद मुख्यमंत्री से बात की है।
किसानों की मांगों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। सरकार किसानों के प्रति पूर्ण रूप प्रशासन से प्रतिबद्ध है -धीरेंद्र सिंह, विधायक, जेवर

 

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