गुड न्यूज : जेवर एयरपोर्ट तक मेट्रो दौड़ाने की डीपीआर तैयार, ये होगा रूट

ग्रेटर नोएडा के परी चौक से जेवर एयरपोर्ट तक मेट्रो के प्रस्तावित रूट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो गई है। मंगलवार को डीपीआर को लेकर डीएमआरसी यमुना प्राधिकरण में अपना प्रजेंटेशन देगी। अगर उसमें कोई बदलाव नहीं हुआ तो यही डीपीआर फाइनल हो जाएगी। इस डीपीआर को यमुना प्राधिकरण की आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।

जेवर में प्रस्तावित नोएडा इंटरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को लेकर काम तेज हो गया है। जिला प्रशासन किसानों को मुआवजा बांटने लगा है। वहीं नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने निविदा को लेकर काम तेज कर दिया है। जेवर एयरपोर्ट से पहली उड़ान 2023 में प्रस्तावित है। एयरपोर्ट शुरू होने से पहले वहां तक पहुंचने के लिए यात्रियों को कई विकल्प भी दिए जाएंगे। यह क्षेत्र यमुना प्राधिकरण के अधीन आता है। इसलिए प्राधिकरण भी इसमें काम कर रहा है। पहला विकल्प मेट्रो का दिया जाएगा। मेट्रो शुरू होने से यात्री जेवर एयरपोर्ट तक आसानी से पहुंच सकेंगे।

नोएडा से ग्रेटर नोएडा मेट्रो वाया परी चौक शुरू हो गई है। परी चौक से जेवर एयरपोर्ट तक मेट्रो प्रस्तावित की गई है। यह ट्रैक करीब 28.5 किलोमीटर लंबा है। यमुना प्राधिकरण ने इसकी डीपीआर बनाने के लिए डीएमआरसी को जिम्मेदारी सौंपी थी। डीएमआरसी ने डीपीआर बना ली है। मंगलवार को यमुना प्राधिकरण में डीएमआरसी के अफसर प्रेजेंटेशन देंगे। डीपीआर में एयरपोर्ट तक मेट्रो ले जाने और सामान्य रूट के साथ ही एक्सप्रेस लाइन का विकल्प देने का सुझाव दिया गया है। सामान्य मेट्रो यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के आबादी वाले स्टेशनों पर रुकते हुए जाएगी, जबकि एक्सप्रेस लाइन कुछ ही स्टेशनों पर रुकेगी।

''मेट्रो की डीपीआर तैयार हो गई है। मंगलवार को इसा प्रस्तुतिकरण प्रस्तावित है। इस रिपोर्ट को प्राधिकरण की अगली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। उसके बाद डीपीआर शासन को भेजी जाएगी। एयरपोर्ट के साथ ही इसका निर्माण शुरू कराने की योजना है।'' -डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण

एक्सप्रेस वे के साथ-साथ बनेगा यह रूट

मेट्रो का यह रूट यमुना एक्सप्रेस वे के बराबर ग्रीन बेल्ट के साथ होगा। पूरा रूट एलिवेटेड होगा। इस रूट के बनने से जेवर एयरपोर्ट नोएडा, दिल्ली, फरीदाबाद व गुरुग्राम से मेट्रो के जरिए जुड़ जाएगा। जेवर तक पहुंचने के लिए लोगों को मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। अगर इस डीपीआर में कोई बदलाव नहीं हुआ तो इसको मंगलवार को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। यमुना प्राधिकरण की अगली बोर्ड बोर्ड बैठक में इसे रखा जाएगा। बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद इसे शासन को भेज दिया जाएगा। ताकि इस पर जल्द से जल्द काम शुरू किया जा सके।

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