36 महीने में तैयार होगा जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, किसानों की हो जाएगी बल्ले-बल्ले, अब इन्तजार कुछ पल का

36 महीने में तैयार होगा जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, किसानों की हो जाएगी बल्ले-बल्ले, अब इन्तजार कुछ पल का:- 

जेवर ,नॉएडा ,गौतम बुद्ध नगर:- जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को पूरी मंजूरी मिलने के बाद यमुना प्राधिकरण नॉएडा ने क्षेत्र के का नक्शा तैयार करना शुरू कर दिया है। विकास के केंद्र में खासतौर- तरीके पर किसान होंगे। उन्नत -उपजाऊ खेती, खाद्य प्रसंस्करण से लेकर उनके उत्पाद विदेशों तक पहुंचाने की योजना है। हवाई अड्डे के आस पास अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन के लिए नक्शगत सुविधाएं तैयार होंगी।

जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सरकार के सिद्धांतों पर चलने मंजूरी पर नागर विमानन मंत्रालय ने 23 अप्रैल को मुहर लगा दी है। जेवर हवाई अड्डे का लाभ स्थानीय क्षेत्र के लोगों को मिलेगा।
पहले फेज में हवाई अड्डे के लिए सात हजार एकड़ जमीन निर्माण कंपनी को दी जाएगी। जिससे एयरपोर्ट का निर्माण होगा | इसके अलावा नॉन एयरो एक्टिविटी के लिए आरक्षित जमीन पर कामर्शियल गतिविधि होंगी। प्राधिकरण ने इसकी रूप-रेखा भी तैयार करना शुरू कर दिया है।

जेवर ,नॉएडा ,गौतम बुद्ध नगर, आगरा, मथुरा, वृंदावन व दिल्ली सैर सपाटे व घूमने के लिए आने वाले राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को देखते हुए हवाई अड्डे के पास पास होटल, रेस्टोरेंट, मॉल आदि विकसित होंगे। ताकि अंतरराष्ट्रीय जेवर हवाई अड्डे पर उतरने के बाद पर्यटक यहीं ठहर कर पर्यटन के लिए इन शहरों का रुख करें। अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस के लिए विश्व स्तरीय कंवेंशन सेंटर विकसित होगा। कांफ्रेंस में शिरकत के बाद लोगों के लिए आस पास के पर्यटक स्थलों की सैर करना आसान होगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रदर्शनी स्थल, लेजर प्लाजा, होटल, रेस्टोरेंट, मॉल भी विकसित होगा।
प्राधिकरण की कोशिश है कि हवाई अड्डे के बनने से क्षेत्रीय पर्यटन एवं कामर्शियल गतिविधि की संभावनाओं का अधिक से अधिक दोहन हो सके।

किसानों को होगा बेहतर लाभ

कामर्शियल गतिबिधियो का लाभ जेवर हवाई अड्डे के आस पास के गांवों में बसे लोगों को होगा। उनके लिए रोजगार के बहुत सारे अवसर पैदा होंगे।
प्राधिकरण ने इस दिशा में भी कार्य शुरू कर दिया है। इलाके में दुग्ध, फ्लोरी कल्चर, फल एवं सब्जी का उत्पादन काफी अधिक है। कृषि उत्पाद को दुनिया के देशों तक पहुंचाने के लिए प्राधिकरण अंतरराष्ट्रीय स्तर की बड़ी मंडी विकसित करेगा।

इसमें प्रसंस्करण से लेकर विपणन, उत्पाद को सुरक्षित रखने की बहुत सारी सुविधाएं होंगी। हवाई जहाज के जरिये इन उत्पाद को अन्य देशों में भेजा जा सकेगा। इसका सीधा फायदा आस-पास के किसानों को होगा। यहीं नहीं होटल, रेस्टोरेंट मॉल की स्थापना का भी फायदा सआस-पास लोगों को होगा। उनके उत्पाद की खपत इनमें होगी।
इससे किसानों को फसल की अच्छी कीमत मिलेगी। युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। किसान एवं युवाओं के रोजगार के लिए प्रशिक्षण केंद्र खुलेंगे। फ्रांस, हॉलैंड, इस्तांबुल में हवाई अड्डे के आस पास मंडी विकसित की गई हैं।

पहले चरण के जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे निर्माण पर करीब 15000 करोड़ खर्च आएगा

जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण पूरा करने का target 36 Month रखा गया है। निर्माण एजेंसी से समझौते के दिन से 36 माह के अंदर उसे पहले चरण के हवाई अड्डे का निर्माण पूरा करना होगा। पहले चरण में एक रनवे, एयर ट्रैफिक कंट्रोल समेत अन्य ढांचागत कार्य पूरे करने होंगे। प्राधिकरण का दावा है कि सभी कार्य तय समय सीमा में पूरे हुए तो 2021 के अंत तक उड़ान शुरू हो जाएगी |  पहले चरण के जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे निर्माण पर करीब 15000 करोड़ खर्च आएगा। दूसरे चरण के अन्य कार्यों के लिए तीन हजार करोड़ की और जरूरत होगी।

 

 

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