Public Private Partnership (PPP) मॉडल बनेगा एयरपोर्ट, भारत शासन से मंजूरी मिल चुकी है

Public Private Partnership (PPP) मॉडल बनेगा एयरपोर्ट, भारत शासन से मंजूरी मिल चुकी है|

नोएडा,गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश?
जेवर में प्रस्तावित एयरपोर्ट के लिए मंगलवार का दिन उपलब्धियों भरा रहा। इसका निर्माण पीपीपी मॉडल पर होगा और ग्लोबल ई-बिडिंग से डिवेलपर चुना जाएगा, जिसके लिए शासन से मंजूरी मिल गई। वहीं, नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) कंपनी को भी शासन से अप्रूवल मिल गया है। साथ ही, देश के पर्यावरण मंत्रालय से पर्यावरण क्लियरेंस टीओआर का शासनादेश मंत्रालय ने अब आम लोगों से इसके लिए 45 दिन के अंदर आपत्तियां व सुझाव मांगे हैं। उसके बाद इस पर जनसुनवाई होगी। जुलाई के अंत में मंत्रालय से इसकी अंतिम क्लियरेंस मिलने की उम्मीद है। यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट को पर्यावरण मंत्रालय ने कुछ शर्तों के साथ 5 जून को मंजूरी दी थी। मंगलवार को इसका शासनादेश जारी कर दिया गया। अब इसके लिए मंत्रालय ने 45 दिनों तक ऑनलाइन आपत्तियां व सुझाव मांगे हैं।

जनसुनवाई के बाद आपत्तियों का निस्तारण होगा। जुलाई के अंतिम सप्ताह में फाइनल क्लियरेंस मिलने की उम्मीद है। वन विभाग यहां पहले ही मंजूरी दे चुका है। उन्होंने बताया कि जेवर एयरपोर्ट के संचालन के लिए बनाई गई नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट कंपनी लिमिटेड को भी यूपी कैबीनेट ने मंजूरी दे दी है। इस कंपनी में नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना अथॉरिटी, यूपी सरकार शामिल हैं। इसका 29 मई को एमओयू हो चुका है।

नोएडा अथॉरिटी और यूपी सरकार का शेयर सबसे अधिक है। तीसरा महत्वपूर्ण फैसला निर्माण के लिए ग्लोबल टेंडर के लिए हुआ है। तय हो गया है कि निर्माण पीपीपी मॉडल पर होगा। इसके लिए डिवेलपर चुनने के लिए ग्लोबल ई-बिडिंग की जाएगी। इसे भी शासन से मंजूरी मिल गई है और शासनादेश जारी हो गया है। अब अथॉरिटी एयरपोर्ट के निर्माण के लिए ग्लोबल टेंडर निकालने की तैयारी करेगी।

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